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||थक गया दिल ये गाते गाते ||
अधरों की ये आधी बातें,
तेरे बिन ये कटती रातें,
सूना सूना यौवन सारा,
सूने सूने दिन भी सारे,
रूठे रूठे रात के तारे,
खोज रहे है चेहरा तेरा,
थके थके से हारे हारे,
जाने कब मेरे जीवन में,
तुम आते आते आओगी,
खामोश लबों को चूम मेरे
कब झूमोगी कब गाओगी,
मैंने कितना शोर किया है,
मैंने कितना तुम्हें पुकारा,
पर तुम न आईं आते आते,
थक गया दिल ये गाते गाते,
क्या याद तुझे भी आती है?
क्या तेरा दिल भी रोता है?
मैं खोल के आँखे सोता हूँ,
क्या तू भी ऐसे सोता है?
मैं रूह गंवा कर जीता हूँ,
क्या तू भी ऐसे जीता है?
मैं आगे चल कर जाऊँगा,
तू पीछे पीछे आ जाना,
अबतक इतना तड़पाया है,
अब और मुझे न तड़पाना,
तेरे जाने से ही जाने कितनी,
मैंने जाग के रातें बिताई है,
संग तेरे है जग महफ़िल,
अपने साथ बड़ी तन्हाई है,
जाने कैसे कैसे सपनो में मैं,
करता रहता हूँ खुद से बातें,
थक गया दिल ये गाते गाते,
सुना है दूजा प्रेम किया है,
मीत नया फिर ढूंढ़ लिया है,
पर अब जो है मीत तुम्हारा,
कब तक का अनुबंध किया है?
बतला के जाओ जाना है तो,
कब तक मैं बैठूं इंतज़ार में,
ये तड़पन भी अब तड़प उठी,
क्या क्या अब सहूँ प्यार में,
अब है आधा जीवन सारा,
सब कुछ तो तुझपे है वारा,
कैसे मोल चुकाओगी तुम,
अब तक जितने अश्रु बहे है,
प्रेम के अश्रु धारा की,
प्रेम के अश्रु धारा की,
धन्य वही है इस संसार में,
प्रेम में जिसने ये दर्द सहे हैं,
बीत रहा ये सावन भी अब,
प्रेम ने अब ये व्यथा कही हैं,
प्रेम ने अब ये व्यथा कही हैं,
बादल भी अब व्यथा सुनाते,

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