Saturday, March 23, 2019

My Diary 01

I'm happy with who I am. I love myself for my real personality. I love the way that i look. I love the talents and abilities that I have. I love my style. I love the way I see the world.
I love the way that I think. I love my sense of humor. I love myself even when I'm making mistakes. I don't care what others think of me. Because I love myself. Some thinks I'm self-obsessed but I'm not self-obsessed I'm self blessed.

#prakashdwivedi
~Prakash dwivedi
#prakashdwivedipoetry

I wake up to

   I wake up to


I wake up to   live   in  today

I wake up to find myself everyday.

I wake up to  feel  sun  rise  everyday .

I wake up to convert dream into reality

I wake up to creat myself better than   
yesterday.

~© Prakash dwivedi {प्रकाश द्विवेदी}
#prakashdwivedipoetry
#prakashdwivedi
 +918602150751

Friday, March 22, 2019

!! प्रेम होली !!


तुम रंगों की वर्षा बन के आना !और प्रेम रंग मुझपे बरसाना !!


●मिल जाए आज वो गोरी !!
जो चलायें प्यार की गोली !
जिसकी सूरत हो भोली !
जो प्रेम से खेलें होली !!
भींग सकू जिसकी वर्षा मे !
और रंग सकूँ मैं उसके रंग में !!


~© Prakash dwivedi {प्रकाश द्विवेदी}
#prakashdwivedipoetry
#prakashdwivedi
+918602150751




!! मैं युगों से प्यासा !!

मैं युगों से प्यासा पपीहा हूँ, तुम वर्षा बनकर आ जाओ !
हर रंग ज़माने का झूठा, तुम अपना रंग लगा जाओ !!


रूह को मेरे हर्षित कर दो,तुम फागुन बनकर आ जाओ !
ओढ़ के चुनर प्रेम रंग की , मरु जीवन में छा जाओ !!


मैं मंत्रमुग्ध हो जाऊंगा, तुम प्रेम से प्रीत लगा जाओ !
मैं रंग-गुलाल बन जाऊँगा, तुम ख़ुशबू बनके समा जाओ !!


होंठों से तुम रंग लगा के, सतरँगी सा कर जाओ !
मेरे सीने की धड़कन को, अतरंगी सा कर जाओ !!


ओ मृगनयनी, वर्षाधारा, पायल छनकाती आ जाओ !
बनकर के तुम चाय का प्याला, अन्तर्मन महका जाओ !!


मैं युगों से प्यासा पपीहा हूँ, तुम वर्षा बनकर आ जाओ !
हम थाल सजाएँ रंगों का , तुम प्रीत का रंग लगा जाओ !!
मैं युगों से प्यासा पपीहा हूँ, तुम वर्षा बनकर आ जाओ !!!



~©PRAKASH DWIVEDI (प्रकाश द्विवेदी)
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